भारत में हॉस्पिटल कैसे खोले और कौन सा लाइसेंस चाहिए | How to Open Hospital in India and License?

Hospital Business Plan in India: आज के समय में आप किसी भी ब्रांच में अपना बिज़नस ओपन कर सकते है और एक अच्छी कमाई का साधन बना सकते है. इसी कड़ी में हॉस्पिटल का बिज़नस भी आता है. आज के समय में जिस प्रकार से कमाई के अन्य साधन बढ़ रहे है वाही स्वस्थ का क्षेत्र भी पीछे नही है.

आज के समय में लोगो को सबसे जयादा समस्याएं स्वास्थ्य से सम्बंधित है तो ऐसे में यदि आप अपना खुद का हॉस्पिटल खोलना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए एक आईडिया का काम करेगा . आपको इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढना.

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यदि आप अपना खुद का हॉस्पिटल खोलने के इच्छुक है तो हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से सम्पूर्ण जानकारी देंगे. आज के समय में प्रत्येक छोटी से छोटी बीमारी में लोग अस्पताल का रास्ता ही ढूंढते है तो ऐसे में आपका हॉस्पिटल ( अस्पताल ) खोलने का विचार बहुत ही सही है. तो आये हम hospital kaise khole ? उसके बारे में पूरी डिटेल्स में बात करते है.

भारत में अपना हॉस्पिटल कैसे खोले? How to Open Hospital in India?

How to

भारत में हॉस्पिटल खोलने के लिए आपको नीचे दिए गये स्टेप्स को फॉलो करना है, जिसकी जानकारी हमने आपको नीचे दी है……

  • सर्वप्रथम ( सबसे पहले ) आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की आपके पास MBBS की डिग्री होनी चहिये.
  • यदि आपके पास MBBS या फिर Hospital Management की डिग्री है तो आप हॉस्पिटल खोल सकते है.
  • आपको हॉस्पिटल ओपन करने के लिए The Clinical Establishment ( Registration and Regulations ) 2017 के तहत हॉस्पिटल के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा.
  • आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ सभी मुख्य डाक्यूमेंट्स लगाने होंगे.
  • स्वास्थ्य विभाग आपके फॉर्म का कोर्स चेक करती है, जानकारी सही होने पर आपको महीने के अन्दर हॉस्पिटल खोलने का लाइसेंस प्रदान कर देती है.
  • तो इस प्रकार से आप अपना हॉस्पिटल का लाइसेंस प्राप्त कर सकते है.

भारत में हॉस्पिटल ( Hospital ) खोलने के नियम

भारत सरकार ने नई पोलिसी के तहत प्रत्येक प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए 2014 में नई गाइड लाइन्स जारी की गयी थी ….

  • कोई भी प्राइवेट हॉस्पिटल कम से कम 2500 वर्ग गज की जगह में होना चाहिए जिसमें हॉस्पिटल बनाना है.
  • अस्पलात ( हॉस्पिटल ) संचालक को इस बात का विशेष ध्यान रखना है की वहां पार्किंग की व्यवस्था हो, जितने भी मरीज है उतने परिजन के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए.
  • हॉस्पिटल में यदि 10 बेड है ऐसे में हॉस्पिटल में कम से कम 15 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए.
  • साथ ही जहा पर हॉस्पिटल बना है वहा पर 2 मीटर या फिर उससे अधिक चौड़ाई वाली सड़क होना जरुरी है.
  • इसके साथ ही फायर, एवं पोलुसन सम्बंधित विभाग से NOC लेना आवशयक है.
  • दवाओं की दुकान के साथ हॉस्पिटल में मेडिकल वेस्ट को दिस्पोस करने की व्यवस्था होनी चाहिए.
  • हॉस्पिटल निर्माण प्रक्रिया बिल्डिंग प्लान के तहत करना चाहिए .
  • साथ ही MIC के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है.

हॉस्पिटल ( Hospital ) खोलने के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन जरुर कराए

जिस तरह से आपको किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसी तरह आप भी हॉस्पिटल खोलने के लिए कुछ जरूरी रजिस्ट्रेशन के लिए दौड़ेंगे जैसे –

  • अस्पताल भवन बनाने के लिए परमिट की जरूरत होती है, अगर आपके पास खुद की जमीन है, तो आप उसमें निर्माण शुरू करते हैं, तो आपको नगर निगम या नगर पालिका से अनुमति लेनी होगी। अगर आपने किराए पर लिया है तो लीगल पेपर चेक करके रेंट से ले लें और रेंट अग्रीमेंट साइन करके लीगल एग्रीमेंट कर लें.
  • अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र के लिए परमिट प्राप्त करने के लिए आपको नगर निगम मुख्यालय से संबंधित अग्निशमन विभाग से अनुमति लेनी होगी, अस्पताल के रूप में बने भवन में अग्नि सुरक्षा होना अति आवश्यक है, अन्यथा खतरे की स्थिति में घबराहट होती है, फिर एक दुखद घटना होने की संभावना है।
  • यदि आप लिफ्ट की सुविधा देना चाहते हैं तो आपको सुरक्षा विभाग से लिफ्ट के लिए लाइसेंस लेना होगा। नहीं तो लिफ्ट में कोई घटना होने पर आपके अस्पताल का लाइसेंस रद्द होने का खतरा रहता है।
  • मेडिकल फार्मेसी लाइसेंस के लिए सबसे पहले आप या आपके फार्मा पार्टनर के पास फार्मा काउंसिल में फार्मेसी डिग्री का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए फिर आप दो तरह से लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। कर सकते हैं होलसेल ड्रग लाइसेंस- इसमें दवा के होलसेल विक्रेता को लाइसेंस दिया जाता है।
  • ब्लड बैंक के लिए आपको फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी से लाइसेंस लेना होता है, जो हर 10 साल में रिन्यू होता है।
  • एंबुलेंस के लिए आपको RTI विभाग और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा, तभी आपको एंबुलेंस का लाइसेंस मिलेगा.
  • पर्यावरण से संबंधित स्वीकृति स्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग से लेनी होगी और विभाग को सूचित करना होगा कि आप किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं करेंगे।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना बहुत जरूरी है, तभी आपको टिन नंबर मिलता है और अस्पताल और मरीज के बीच पारदर्शिता होने से आपके अस्पताल में कोई दिक्कत नहीं होगी।
  • बिजनेस रजिस्ट्रेशन करवाना बहुत जरूरी है, अगर आप अपने हॉस्पिटल को पब्लिक या प्राइवेट लिमिटेड बनाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कॉमर्स एंड इंडस्ट्रियल डिपार्टमेंट में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
  • अस्पताल की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए थाने में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। जिससे आपको अस्पताल खोलने की अनुमति मिल जाती है और किसी तरह की असुरक्षा की स्थिति में पुलिस बल अस्पताल की सुरक्षा के लिए आगे आता है।
  • कचरा प्रबंधन आपको अस्पताल में कचरे का विशेष ध्यान रखना होगा, उसके लिए सफाई की उचित व्यवस्था करनी होगी और अस्पताल से कचरा निकालने के लिए नगर निगम से अनुमति लेकर बाहर ही डंप करना होगा, इसके लिए आपको सफाई विभाग से लाइसेंस लेना होगा।

हॉस्पिटल के लिए आवश्यक मशीनें …

आपका अस्पताल तभी अच्छा चल पाएगा जब आपके अस्पताल में अच्छी क्वालिटी की मशीनें होंगी जिससे मरीज की हर बीमारी का इलाज हो सकेगा। इंसान को कितनी भी गंभीर बीमारी क्यों न हो, लेकिन इन मशीनों की मदद से उसे जिंदा रखा जा सकता है, इसलिए मशीन अस्पताल में होना बेहद जरूरी है।

अस्पतालों में कई तरह की मशीनें होती हैं जो मरीजों के इलाज में मदद करती हैं। इन मशीनों का उपयोग विभिन्न विभागों में किया जाता है जैसे कि निम्नलिखित…..

स्कैनर

स्कैनर एक बहुत ही महत्वपूर्ण मशीन है जो अस्पतालों में उपलब्ध होती है। इसका उपयोग रोगियों की जांच और निदान के लिए किया जाता है। इसके अलावा, स्कैनर शरीर के अंगों की छवियां बनाता है जो उपचार योजनाओं के लिए उपयोगी होते हैं।

X-रे मशीन

एक्स-रे मशीन एक अन्य महत्वपूर्ण मशीन है जो अस्पतालों में उपलब्ध है। यह मशीन रेडियोग्राफी के जरिए मरीज के शरीर की तस्वीरें बनाती है। इसके उपयोग से डॉक्टरों को रोगी के शरीर की बिंदु-दर-बिंदु जांच करने में मदद मिलती है।

वेंटिलेटर

अस्पताल में इस मशीन का होना एक तरह से दर्शाता है कि आपका अस्पताल बहुत अच्छा है और इसकी प्रतिष्ठा अच्छी है क्योंकि ऐसी मशीनें बहुत कम अस्पतालों में देखने को मिलती हैं। इस मशीन की मदद से एक शख्स को मौत के मुंह से बचा लिया गया. ऐसा इसलिए किया जा सकता है क्योंकि जब मानव अंग काम करना बंद कर देते हैं तो उसे एंडोट्रैचियल ट्यूब की मदद से ऑक्सीजन दी जाती है।

डायलिसिस मशीन

आज के समय में बहुत से लोग किडनी से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं ऐसे में यह मशीन काफी कारगर साबित हो रही है. साथ ही इस मशीन की मदद से खून की गंदगी को भी साफ किया जाता है।

हॉस्पिटल कहा पर खोले ?

हॉस्पिटल एक ऐसी जगह है जहा आप उसे खोलते हो काम होना तय है आज के समय में सभी लोग इसके पास आते है डॉक्टर के पास कोई भी बीमारी के लिए आते है ऐसे में आप जहां भी अपना पैसा लगाते है आपके पास जरूरी सामान होता है उपकरण। होना चाहिए, इसकी बहुत डिमांड है, आप हॉस्पिटल मार्केट साइड खोल सकते हैं, इसमें आपको मरीज को फायदा होगा, मार्केट एरिया में हॉस्पिटल होने से कोई भी मरीज आसानी से आ सकता है, साथ ही आप हॉस्पिटल खोल सकते हैं स्कूल के पास। , आप सड़क के किनारे भी खोल सकते हैं, आप शॉपिंग मॉल के आसपास अस्पताल भी बना सकते हैं।

हॉस्पिटल में क्या-क्या उपलब्ध होना चाहिए ?

यदि आप एक अस्पताल खोलने की योजना बना रहे हैं, तो आपके अस्पताल में निम्नलिखित विभाग होने चाहिए, जैसे कि आपातकालीन, सामान्य सर्जरी, प्रसूति और स्त्री रोग, बाल रोग, आंतरिक चिकित्सा, मनोरोग, ऑन-साइट, रेडियोलॉजी और एक गहन देखभाल इकाई, आदि। इसके साथ ही आपके अस्पताल में मरीजों का तांता लगा रहेगा और अस्पताल भी अच्छा चलेगा, क्योंकि अलग-अलग वार्ड होने और एक ही छत के नीचे संपूर्ण चिकित्सा सुविधा होने के कारण लोग आपके अस्पताल को पहले पसंद करेंगे।

निजी/ प्राइवेट हॉस्पिटल में सरकार क्या-क्या मदद करती है?

निजी अस्पताल में सरकार सिर्फ जमीन के मामले में आपकी मदद करती है, अगर आप पिछड़े इलाकों में अस्पताल खोलना चाहते हैं तो जमीन खरीदने के लिए सरकार 75 फीसदी पैसे लेती है, अगर आप प्रखंड क्षेत्र में खोलना चाहते हैं तो जमीन के लिए 50 फीसदी पैसा राज्य सरकार करती है मदद अगर आप शहरी क्षेत्र में खोलना चाहते हैं तो राज्य सरकार आपको जमीन के लिए 25 फीसदी मदद करती है. राज्य या केंद्र सरकार आपके अस्पताल के लिए किसी अन्य तरीके से मदद नहीं करती है, आपको जो कुछ भी चाहिए जैसे डॉक्टर, नर्स, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर और दवाएं आदि की व्यवस्था आपको करनी है।

हॉस्पिटल खोलने के लिए कितना इन्वेस्ट करना चाहिए ?

अगर आप हॉस्पिटल खोलना चाहते हैं तो आपका बजट भी अच्छा होना चाहिए तभी आपका हॉस्पिटल अच्छा चलेगा। आपको अस्पताल के लिए शुरूआती समय में कम से कम 50 लाख का निवेश करना होगा तभी आप अस्पताल में हर तरह की सुविधा दे पाएंगे आप अपने अस्पताल के लिए एक ट्रस्टी भी रख सकते हैं या आप निवेशक भी रख सकते हैं अगर आप हॉस्पिटल चाहते हैं तो शेयर किसी को भी बेच सकते हैं क्योंकि शुरुआती समय में ज्यादा पैसा लगाना पड़ता है ऐसे में आप मेडिकल पार्टनर को अलग रख सकते हैं पैथोलॉजी पार्टनर रख सकते हैं शेयर के आधार पर भागीदार एमडी और एमएस डॉक्टर के रूप में रख सकते हैं ।

हॉस्पिटल में कितना प्रॉफिट होता है?

दोस्तों अगर आप हॉस्पिटल को बिजनेस के रूप में लेते हैं तो आप यहां से बहुत अच्छा पैसा कमा सकते हैं और आज के समय में आप ऐसे कई लोगों को जानते होंगे जो हॉस्पिटल से लाखों रुपए महीना कमा रहे हैं। अगर मोटी मिट्टी दिख जाए तो अगर आपके पास सही जगह पर अस्पताल है तो आप साल में करोड़ों रुपए का कारोबार कर सकते हैं।

इसके साथ ही अस्पताल खोलकर आप गरीब लोगों की मदद कर पुण्य कमा सकते हैं, क्योंकि आज बहुत से ऐसे लोग हैं जो पैसे के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पाते हैं, ऐसे लोगों का इलाज कराएं तो आपके अस्पताल की प्रतिष्ठा बढ़ती है। भी इससे प्रभावित होंगे। उन्नति करेंगे और लोगों की मदद कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

हॉस्पिटल को कैसे प्रमोशन करे ?

आज के युग में मार्केटिंग का समय है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने व्यवसाय का प्रचार कैसे कर रहे हैं, आप अपने अस्पताल का प्रचार सोशल मीडिया में या समाचार पत्रों, पत्रिकाओं के माध्यम से कर सकते हैं, आप अपने अस्पताल की फोटो के साथ सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टरों का संक्षिप्त विवरण साझा कर सकते हैं सोशल मीडिया पर चित्र आदि के साथ-साथ समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी कर सकते हैं।

आप इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर अपने अस्पताल का पेज बना सकते हैं और आपको समय-समय पर तस्वीर को अपडेट करते रहना होगा, ताकि मरीजों को आपके अस्पताल के बारे में पता चले और उन्हें आपकी सेवाएं पसंद आएं। आप ऑनलाइन पेड प्रमोशन भी कर सकते हैं, वीडियो बना सकते हैं और अपने अस्पताल का प्रमोशन अपनी वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं, आपको समय-समय पर नजदीकी स्कूल या कॉलेज में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करना चाहिए, यह भी एक तरह का प्रमोशन है। .

FAQs – Hospital Kaise Khole 2023

Q1. क्या भारत में अस्पताल आसानी से खोला जा सकता है?

Ans. जी हां आप भारत में अस्पताल आसानी से खोल सकते हैं लेकिन पूरी योजना बनाकर। 

Q2. अस्पताल खोलने के लिए कौन से रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है?

Ans. अस्पताल खोलने के लिए आपको The Clinical Establishment  (Registration And Regulations) के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। 

Q3. क्या अस्पताल खोलने में सरकार वित्तीय मदद करती है?

Ans. जी हां, अस्पताल खोलने के लिए सरकार आपको वित्तीय मदद करती है। 

Q4. भारत में अस्पताल खोलने में कितना खर्च आता है?

Ans. यह डिपेंड करता है कि आप कितना बड़ा अस्पताल खोल रहे हैं। 

Q5. अपने अस्पताल की मार्केटिंग कैसे करें?

Ans. अपने अस्पताल की आप ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीकों से मार्केटिंग कर सकते हैं। 

निष्कर्ष:

दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हमने आपको भारत में कैसे खोलें हॉस्पिटल 2023 How to Open Hospital in India के बारे में बताया। अब ऐसे बहुत से डॉक्टर हैं जो अपना खुद का हॉस्पिटल खोल कर प्रैक्टिस करते हैं। ‌ऐसे में अगर सही प्लानिंग के साथ आप अस्पताल खोलते हैं तो इससे आपको काफी फायदा होगा। इसीलिए हमने आपको अस्पताल खोलने से संबंधित सारी जरूरी जानकारी दे दी है।

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